१ जून १९३० को "दक्कन की रानी" ने पुणे से मुम्बई के बिच सफर करना शुरु किया था, और उस दिन से आज तक ये अनवरत चलती हिन् जा रही है । यह गाड़ी साक्षी है कितने क्रितिमानों का, इसने सेवा की कितने विद्यार्थियों
की, कितने हिन् कर्मचारियों को हर दिन सुबह मुम्बई ले जाती है और पुनः शाम को वापिस उनके घर पुणे छोड़ने आती हैं , सब कुछ किस निस्वार्थ भाव से करती है मेरी दक्कन की रानी , ये ना तो किसी धर्म ना हिन् किसी जाती
ं का भेदभाव करती है, ते तो सबको बराबर
ं का सम्मान देती है, कितनी समझदार है.... और एक हम मानव जाती के लोग कुछ भी नहीं सीखते इससे, आए दिन करते हैं दंगा धर्म के नाम पे, पिटते हैं लोग दलितों को जाती के नाम पे, कुछ तो सीखो इस "दक्कन की रानी " से मूढ़ मानव ....
आज "दक्कन की रानी "
ं का ७८वान् जन्मदिन हैं । इस अवसर पर हमारी ओर से ढेरों बधाईयाँ, ऐसे हिन् दक्कन की रानी अपने जीवन में आगे बढ़ते रहे और लोगों को भी जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे, हमारी शुभकामनाएँ आपके साथ हैं ।
अगर आपने आज तक "दक्कन की रानी " से सवारी नहीं की है तो एक बार जरुर कीजये । मैं पहली बार पिछले वर्ष इसी दिन पुणे से मुम्बई की यात्रा "दक्कन की रानी" से की थी । हम सभी दोस्त मिलकर इसका जन्मदिन भी मनाये थे , और मुम्बई में विविध भारती में अपनी मुलाकात
यूनुस जी से भी हुई थी, यूनुस जी से मुलाकात की बातें कभी बाद में, फिलहाल तो कुछ और जानकारी "दक्कन की रानी " के बारे में ।
| ट्रेन न. | ट्रेन नाम | दिनांक | चलने के दिन |
| 2124 | डेक्कनक्वीन | 02/06/2008 | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि | रवि |
| क्र.स. | स्टेशन कोड | स्टेशन नाम | रूट न. | आगमन समय | प्रस्थान समय | दूरी | दिन | टिपण्णी |
| 1 | PUNE | पुणे जं. | 1 | आरंभिक स्टेशन | 07:15 | 0 | 1 |
|
| 2 | LNL | लोनावला | 1 | 08:08 | 08:10 | 64 | 1 |
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| 3 | DR | दादर | 1 | 10:11 | 10:13 | 183 | 1 |
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| 4 | CSTM | मुंबई सीएसटी | 1 | 10:30 | गंतव्य | 192 | 1 |
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कुछ
तस्वीरें

पुराने ज़माने के सूचना पटल पर "दक्कन की रानी "
ं का नाम इस तस्वीर में आप देख सकते हैं।

"दक्कन की रानी"
ं का ७५वान् जन्मदिन

पिछले वर्ष के जन्मदिन की तस्वीर,
इस नाचीज को अपनी आखों से रूबरू ये मंजर देखने
ं का मौका मिला था ।
अगर इस वर्ष के समारोह में आपने भाग लिया है, तो इसके बारे में जरुर बतायिएगा । कुछ तस्वीरें यहाँ वहां से दूंध के पहले से मेरे पास जमा थी इसलिए उसका उचित सन्दर्भ मैं यहाँ नहीं डाल पा रहा हूँ उसके लिए खेद है ।