आप हैं ध्वनि तरंगों के ताल पर विविध भारती के संग और मैं हूँ आपका दोस्त यूनुस खान
कौन नही परिचित होगा इस आवाज से, हाँ ये हैं हमारे प्यारे यूनुस खान जी, और आज इनके जम्दीन के अवसर पर हम सभी की तरफ़ से इन्हे ढेरों बधाइयाँ ....
यूनुस जी की रेडियो पर प्रयोगधर्मिता से आप सभी जरुर वाकिफ होंगे, इस बारे में मुझे कुछ कहने की आवस्यकता नहीं है ।
यूनुस जी के इतना सुलझा और सरल इंसान इस दुनिया में अब बहुत हिन् कमलोग हैं । अगर आप मेरी बात से इतेफाक नही रखते हैं तो सुनिए हमारी हाल के संछिप्त मुलाकात का विवरण ...
७ नवम्बर के दोपहर में मुंबई पंहुचा कुछ काम से, फ़िर मैंने सोचा क्यों न कुछ समय निकाल कर यूनुस जी से भी मुलाकात किया जाए । उनको फ़ोन किया तो पता चला की वो किसी रिकॉर्डिंग में व्यस्त हैं शायद शाम तक छुट्टी मिले । शाम को वापस जब मैं काम करने के बाद तक़रीबन ७.३० pm बजे यूनुस जी को फ़ोन किया तो वो अँधेरी में थे और मैं बोरीवली में । उन्होंने कहा की रुको मैं आ रहा हूँ , तुम axis बैंक के ATM के नजदीक इन्तेजार करना । मेरी गाड़ी बोरीवली से ९.१६ pm पर थी ।
यूनुस जी दौड़ते- भागते ८.४० पर आए । फ़िर बस क्या था हम दोनों वहीँ स्टेशन पर थोड़ा जगह देख कर बैठ गए और ९.१४ तक बात करते रहे । ज्यादातर बातचीत मुंबई धमाकों में मारे गए आमलोगों और हमारे द्विअर्थी समाज के बारे में थी, वो बातें कभी और ... मुझे पता हिन् नही चला की कब ९.१४ हुआ तब यूनुस जी ने बोला भाई भागो वरना गाड़ी छुट जायेगी । अगले दिन हिन् अहमदाबाद से पटना जाना था बाढ़-राहत कार्य के लिए , वरना मैं ट्रेन छोड़ देता ....तो एक और मुलाकात के वादे के साथ यूनुस जी विदा लिया । पुरे रास्ते मैं यूनुस जी की सादगी के बारे में हिन् सोचता रहा ....उनके साथ बिताया एक-एक पल आपको कुछ नया और अलग समाज में करने की प्रेरणा देता है....
अगर आप अभी तक नहीं मिले हैं यूनुस जी से तो जीवन में कम से कम एक बार जरुर मिलिए फ़िर आपका मन बार-बार मिलने का करने लगेगा ....
यूनुस जी के जन्मदिन के अवसर पर उनकी कुछ तस्वीरें :

यूनुस जी ऑटो के ऊपर अपना हाथ साफ़ करते हुए
चित्र सन्दर्भ : सभी चित्र यूनुस जी का ब्लॉग और विविध भारती वेबसाइट से लिए गए हैं ।