Wednesday, May 21, 2008

क्या यही लोकतंत्र है ?

राहुल वैद नाम के लड़के ने ओरकुट के एक community(संघठन) में सोनिया गाँधी के बारे में कुछ उलटी-सीधी बातेंलिखी । किसी कांग्रेसी चमचे की नजर वहाँ पे पड़ी और जनाब पुलिस में शिकायत दर्ज करने चले गए और भाई पुलिस भी कितनी efficient की तुरंत हिन् उसके नाम ka वारंट निकाल दिया । अब उस बेचारे राहुल को गुडगाँव से पूना आना पड़ेगा इस केस के सिलसिले में । कुछ लोग बोलेंगे अच्छा हुआ "जैसा उसने किया वैसा भरा", पर कहाँ भाई ये बात राज ठाकरे पे क्यों नहीं लागू होती , बाल ठाकरे पे क्यों नहीं, अन्य भड़काऊ भाषण देने वाले राजनेताओं पे क्यों नही लागू होता है......है किसी के पे जवाब ...........

और जहाँ तक ओरकुट की बात है तो वहाँ पे हजारो फेक प्रोफाइल और उलटी-सीधी चीजें पड़ी हैं , शिकायत करने के बाद भी कोई कारवाई नहीं होती है , पर इस बेचारे ने क्या एक कमेंट कर दिया हो गई जेल , क्या यही है prajatantra ?

यहाँ तो वही पुराना डार्विन का
सिद्धांत लगा "Survival of fittest" , या फ़िर गवई भाषा में बोलें तो "जिसकी लाठी उसकी भैस " ।

Orkut community ka link

http://www.orkut.com/Community.aspx?cmm=39208843

news on IBN

http://www.ibnlive.com/news/boy-held-for-slandering-sonia-on-orkut/65642-11.html

aur ye ek aur blog pe kuch baatein legal comments ke saath

http://ortuk.blogspot.com/2008/05/hate-communities-can-be-charged-under.html

तो आप सब अपने-अपने विचार रखें इस बारे में , आप क्या सोचते हैं ये लोकतंत्र की हत्या के समान नही है ?

Sunday, May 18, 2008

एक कविता Suraj के नाम

नागार्जुन यायावरी प्रकृति के कवियों में से माने जाते हैं , जो लिखा लोगों के लिए लिखा । अपना तो उनका कुछ भीनही था । उनका जन्म १९११ में दरभंगा के तरौनी ग्राम में हुआ था । उनका असली नाम वैद्ध्यानाथ मिश्र था । आजउनकी एक कविता मेरे प्यारे Suraj के नाम, मानो ये कविता उसी के लिए लिखी थी नागार्जुन ने ....

आज मैं बीज हूँ
बस, थोडी और उमस
बस, थोडी और धुप
बस, थोड़ा और पानी
बस, थोडी और हवा
बस थोड़ा और भुर्भुरापन
क्या देर है भला बाहर आने में ।

आज मैं बीज हूँ
कल रहुँगा अंकुर
बटुर-बटुर आएगी दुनिया, मुझे देखने को आतुर
आज मैं बीज हूँ

अलक्षित, ना-चीज हूँ
गर्क हूँ धरती की जादुई कोख में ।

-नागार्जुन ।

Saturday, May 17, 2008

Suraj को बचाओ

Suraj को बचने की मुहीम में हम सभी पूनम जी के साथ जुड़ गए हैं । अगर आप भी इस मुहीम में जुड़ना चाहते है तो एक नजर इस ब्लॉग पे डालें

सूरज को बचाओ

आप भी इस मुहीम में शामिल हो सकते हैं , कुछ नही तो प्रार्थना तो जरुर इस बच्चे के लिए कर सकते हैं ।

आप हमसे ईमेल पर सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं । मेरा पता है

सादर,
गुनेश्वर आनंद ,
गांधीनगर, गुजरात ।

Thursday, April 03, 2008

खबर लहरिया

खबर लहरिया पढ़ रहा हूँ
खबर लहरिया एक पाक्षिक समाचार पत्र है जो चित्रकूट की दलित महिलाएँ चलाती हैं . अपने आप में एकदम अनूठा है ये अखबार. समाज में व्याप्त बुराइयों के खिलाफ इस समाचार पत्र ने जोरदार आवाज उठाई है और जिस चित्रकूट के घाट पे कभी गोस्वामी तुलसीदास ने रामायण की रचना की वहीं से ये महिलाएं इस समाचार पत्र को चला रहीं हैं . मुझे पुरा विश्वास है की इनका समाचार पत्र अपने मकसद में जरुर सफल होगा.

खबर लहरिया के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए एक नजर निचे दिए गए लिंक पे :

वर्तमान में इस समाचार पत्र के पाठकों की संख्या १५०० तक पहुच गई है .

Tuesday, April 01, 2008

सूरज कहीं डूब ना जाए ...

साभार जागरण पटना :

पटना। दोनों किडनी फेल हो चुके सूरज को राजधानी के बच्चों ने अपने बूते लोगों को जागरुक कर उसकी किडनी बदलवाने में मदद तो कर दी पर अब सूरज का संकट यह है कि उसके पास दवा तक लिए पैसे नहीं। एक दिन की दवा पर हजार रुपए का खर्च आता है। कहां से लाए सूरज इस राशि को?

दर-दर गुहार लगा रहा वह और फिर निराश हो यह कहता है कि अब हिम्मत हार रहा हूं।

फतुहा का रहने वाला सूरज एक समय साइंस कालेज का होनहार छात्र था। सूरज के दोनों किडनी फेल होने की खबर सुनकर जगदेव पथ की रहने वाली पूनम सिंह उसके पास पहुंची और फिर सूरज के लिए अभियान चलाकर उसके इलाज की व्यवस्था करायी। फतुहा में सूरज के लिए बच्चों व स्थानीय लोगों ने अभियान चलाया। सूरज की मदद इतनी हुई कि एक स्थानीय अस्पताल ने सूरज को उसके भाई की सहमति से उनकी किडनी को प्रत्यारोपित कर दिया। पूरे आपरेशन के लिए थोड़ी भी राशि नहीं ली अस्पताल ने।

आपरेशन के बाद सूरज को पूनम सिंह अपने जगदेव पथ स्थित फ्लैट में रख रही है। उसके इलाज पर होने वाली पूरी राशि व भोजन का प्रबंध अपने स्तर से कर रही है। पूनम का कहना है कि अब उसकी हिम्मत भी जवाब दे रही है। आखिर कितने दिनों तक वह सूरज को अपने पास रखेंगी। दवा के लिए मोटी राशि का प्रबंध कहा से होगा? सूरज को डायबिटिज भी हो गया है। वह चाहता है कि सरकार अपने स्तर से उसके लिए दवाईयों की व्यवस्था कर दे।


आपने पढ़ा न की बच्चे और श्रीमती पूनम सिंह जी किस कदर सूरज को बचाने में लगे हुए हैं. तो क्या आप नहीं चाहते सूरज अपनी बची हुई जिंदगी जिए न की अकाल मृत्यु का शिकार हो जाए .....मैं इस बच्चे तक पहुचने का रास्ता ढूंढ रहा हूँ ....