शायद आप ये जानकर दातों तले ऊँगली दबा लेंगे की बिहार में कुछ ग्रामीण महिलायें पुरा एक चैनल चला रही हैं अप्पन समाचार जहाँ बातें होती हैं सामाजिक रुढिवादिता, भ्रूण हत्या , महिलाओं के अधिकार और ऐसे न जाने कितने सामाजिक विषयों पर . इस चैनल का सारा काम महिलायें हिन् करती है. अप्पन समाचार में काम करने वाली महिलाओं का संछिप्त परिचय आप
इस ब्लॉग पर देख सकते हैं .
ये चैनल आम चैनल से भिन्न है , इसका प्रसारण केबल या टीवी पर नही आता है बल्कि ये पुरी टीम अपने कार्यक्रम किसी सार्वजनिक जगह पर प्रोजेक्टर के जरिये दिखाती हैं . हफ्ते में १ कार्यक्रम ये बनते हैं और उसका प्रदर्शन गाँव के किसी सार्वजनिक जगह पर या बाजार में किया जाता है . इनका प्रयास है की आगे और ज्यादा लोग जुड़े इस मुहीम से और ये कार्यकर्म नियमित रूप से प्रसारित किसी केवल टीवी पर हो सके ....
इस चैनल को प्राम्भ करने का श्रेय
संतोष सारंग जी को जाता है. संतोष नारंग जी हिन् महिलाओं को विडियो और इस जुड़ी हर बात का प्रसिक्षण देते हैं. संतोष जी की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है और हाँ इन महिला बहनों की भी ....
अप्पन समाचार की महिला टीम काम पर निकलने के लिए तैयार

हम में है दम ....
अप्पन चैनल को हमारी ओर से ढेरों शुभकामनाएं, आशा करते हैं की हम सबका प्यारा अप्पन चैनल समाज में व्याप्त कुरीतियों को हटाने में एक मिल का पत्थर साबित होगी ....
Santosh Narang ji ka blog
Appan Samachar Ka blog बीबीसी पर भी पढ़ें
अप्पन चैनल का समाचार अगर आपको याद हो तो मैंने अपने एक पहले के पोस्ट में "
ख़बर लहरिया " अख़बार की बात की थी जो उत्तराँचल की महिलायें चला रहीं हैं और अब महिलाओं का एक समाचार चैनल है ना खुशी की बात ....