Showing posts with label जल. Show all posts
Showing posts with label जल. Show all posts

Saturday, August 11, 2007

इस जल पर्लय में

आजकल हमारे पर्देश िबहार में पानी ने पर्लय मचा रखा हैंफनीश्वरनाथ रेणु जी ने इसके बारे में अपने िरपोतार्ज में बड़ा हीं सजीव िचत्रण िकया हैतो आइये आज पढते हैं फनीश्वरनाथ रेणु जी की रचना
इस जल पर्लय में